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राजस्थान का इतिहास और जानकारी

राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिम में बसा हुआ राज्य है। राज्य में पर्यटकों का मुख्य आकर्षण विशाल थार रेगिस्तान और दुनिया की प्राचीनतम स्मारक रेंज, अरावली है। यहाँ के मंदिरों, किलो और महलों में दिखने वाली राजपुताना विरासत की स्थापना राजपूत राजा जैसे बाप्पा रावल, राणा कुम्भा, राणा सांगा और राणा प्रताप ने की है।

राजस्थान राज्य का इतिहास 5000 वर्ष पुराना है। राजस्थान के इतिहास को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है – प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक।

प्राचीन काल, 1200 AD तक :
राजपूत वंश की उत्पत्ति हुई और 700 AD से ही वे राजस्थान के विविध भागो में रहने लगे थे। इससे पहले, राजस्थान बहुत से गणराज्यो का भाग रह चूका था। यह मौर्य साम्राज्य का भी भाग रह चूका था। इस क्षेत्र पर कब्ज़ा करने वाले मुख्य गणराज्यो में मालवा, अर्जुन्या, योध्या, कुशान, सका सत्रप, गुप्ता और हंस शामिल थे।

भारतीय इतिहास में राजपूतों का प्रभुत्व आठवी और बारहवी शताब्दी AD के समय देखा गया था। 750 से 1000 AD के समय में प्रतिहार ने राजस्थान और उत्तरी भारत के ज्यादातर क्षेत्र पर शासन किया था। 1000 से 1200 AD के बीच राजस्थान को चालुक्य, परमार और चौहान के बीच संघर्ष करना पड़ा।

मध्यकालीन समय, 1201-1707 :
इसवी सन 1200 AD में राजस्थान का कुछ भाग मुस्लिम शासको के कब्जे में आ गया था। उनकी शक्ति के केंद्रीय स्थानों में नागौर और अजमेर शामिल थे। रण थम्बोर भी अधीनता के तहत ही था। 13 वी शताब्दी AD के शुरू में, राजस्थान का सबसे मुख्य और शक्तिशाली राज्य, मेवाड़ था।

आधुनिक समय, 1707-1947 :
मुग़ल सम्राट के कब्ज़ा करने से पहले राजस्थान कभी भी राजनितिक रूप से एकता के सूत्र में नही बंधा। मुग़ल सम्राट अकबर ने राजस्थान में एकीकृत सिद्धता का निर्माण करवाया। 1707 के बाद मुग़ल शक्तियां कम होने लगी और उनका प्रभाव भी कम होने लगा। मुग़ल साम्राज्य के पतन होते ही मराठा साम्राज्य ने राजस्थान पर आँख जमा ली। 1755 में उन्होंने अजमेर पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद 19 वी शताब्दी के शुरू में पिंडारी द्वारा हमला किया गया।

राजस्थान की भाषा – Rajasthan language

हिंदी राज्य की सर्वाधिक बोली जाने वाली और अधिकारिक भाषा है। और साथ ही लोग उर्दु/ सिन्धी, पंजाबी, संस्कृत और गुजराती भाषा का भी उपयोग करते हैं।

राजस्थान की संस्कृति – Culture of Rajasthan

राजस्थान सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और इसके प्राचीन इतिहास का प्रभाव इसकी कलात्मक और सांस्कृतिक परंपरा पर दिखाई देता है। यहाँ अलग-अलग प्रकार की समृद्ध लोक संस्कृति है, जिसे अक्सर राज्य का प्रतिक भी माना जाता है।

खेती और शास्त्रीय संगीत के विविध प्रकार राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा के भाग है। यहाँ के संगीत में वह गीत है जो दैनिक संबंध और काम को चित्रित करते है, यहाँ के गीतों में अक्सर कुओ और तालाब से जल निकालने की क्रिया पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है।

राजस्थान का नृत्य – Dance of rajasthan

जोधपुर मारवाड़ के घूमर नृत्य और जैसलमेर के कालबेलिया नृत्य ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रखी है। लोक संगीत राजस्थान की संस्कृति का विशाल भाग है। कठपुतली, भोपा, चांग, तेराताली, घिंद्र, कच्छी घोरी और तेजाजी पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति के उदाहरण है। लोक गीतों में सामान्यतः बलाड शामिल है, जो वीर विलेख और प्रेम कथाओ से सम्बंधित है और धार्मिक और भक्तिगीतो को भजन और बाणी के नाम से जाना जाता है, जिन्हें अक्सर ढोलक, सितार और सारंगी का उपयोग कर गाया जाता है।

राजस्थान की कला – Art of Rajasthan

राजस्थान अपनी पारंपरिक और रंगीन कला के लिए जाना जाता है। ब्लॉक प्रिंट, टाई और डाई प्रिंट, बगरू प्रिंट, संगनेर प्रिंट और ज़री कढाई राजस्थान से निर्यात किये जाने वाले मुख्य उत्पादों में से एक है। हस्तशिल्प वस्तुए जैसे लकड़ी के फर्नीचर और शिल्प, कारपेट और मिट्टी के बर्तन हमें यहाँ देखने मिलते है। खरीददारी यहाँ की रंगीन संस्कृति को दर्शाती है। राजस्थानी कपड़ो में बहुत सारा दर्पण काम और कढाई की हुई होती है। यहाँ के लहेंगा और चनिया चोली काफी प्रसिद्ध है। सिर को ढकने के लिए कपडे के टुकड़े का उपयोग किया जाता है। राजस्थान पोशाख ज्यादातर गहरे रंग जैसे नीले, पीले और केसरियां रंग में बने होते है।

राजस्थान के मुख्य धार्मिक महोत्सव – Rajasthan’s main religious festival

राजस्थान के मुख्य धार्मिक महोत्सवो में दीपावली, गणगौर, तीज, गोगाजी,होली, श्री देवनारायण जयंती, मकर संक्रांति और जन्माष्टमी शामिल है। राजस्थान रेगिस्तान महोत्सव का आयोजन हर साल ठंड के मौसम में किया जाता है। पारंपरिक वेशभूषा में लोग रेगिस्तान नृत्य करते है बलाड गीत गाते है। साथ ही यहाँ मेले का भी आयोजन किया जाता है। इन महोत्सव में ऊँट मुख्य भूमिका निभाते है।

राजस्थान के आकर्षक करने वाले स्थल – Places of interest to Rajasthan

राजस्थान भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यदि आप भारतीय विरासत और शाही ठाठ के दर्शन पास से करना चाहते है तो राजस्थान आपके लिए सर्वोतम गंतव्य है। यहाँ बहुत से प्राकृतिक और मानव निर्मित पर्यटन स्थल है। जिनमे मुख्यतः निम्न शामिल है :

  • अम्बेर किला, जयपुर
  • ऊँट मेला, पुष्कर
  • चित्तोडगढ किला
  • मेहरगढ़ किला, जोधपुर
  • जैसलमेर किला
  • जूनागढ़ किला
  • बूंदी किला, बूंदी
  • जल महल, जयपुर
  • दी पिंक सिटी, जयपुर
  • उमेद भवन, जोधपुर
  • खेजरला किला, जोधपुर
  • रणथम्बोर नेशनल पार्क

राजस्थान का खाना – Food of Rajasthan

यहाँ का खाना साधारणतः मसालेदार होता है। देश के इस भाग में दैनिक मिष्टान्न काफी प्रसिद्ध है। यहाँ ज्यादातर शाकाहारी रेस्टोरेंट है। अच्छी गुणवत्ता वाले मासाहारी रेस्टोरेंट ढूंड पानी काफी मुश्किल है।

पारंपरिक राजस्थानी डिश में दाल-बाटी-चूरमा शामिल है।

अतः भारत में स्थित राजस्थान राज्य एक यादगार गंतव्य है, यहां आप जरूर आइये यहाँ कोई न कोई ऐसी चीज जरूर होगी जो आपकी यात्रा को यादगार बना देगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष कौन हैं ?

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की सदस्य रेखा शर्मा को राष्ट्रीय महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. . महिलाओं के लिए राष्ट्रीय आयोग की स्थापना राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990 (भारत सरकार की 1990 की अधिनियम सं. 20) के अंतर्गत जनवरी 1992 में संवैधानिक निकाय के रूप में निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए की गई थी .

भारत के राज्यों के वर्तमान राज्यपालों की सूची

भारत में कुल राज्यों की संख्या 29 तथा केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 7 है.राज्यपाल राज्य का प्रथम व्यक्ति होता है। लेकिन वास्तविक शक्तियां मुख्यमंत्री के पास होती है। राज्य की सारी कार्यकारी शक्तियां राज्यपाल के पास होती है और सभी कार्य उन्हीं के नाम से होते हैं.राज्यपाल केंद्र सरकार का प्रतिनिधि होता है और केंद्र में राष्ट्रपति की तरह राज्यों में कार्यपालिका की शक्ति उसके अंदर निहित होती है।राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा पांच वर्ष के लिए की जाती है। अनुच्छेद 155 में कहा गया है कि राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा उसके हस्ताक्षर तथा मुहर लगे हस्ताक्षर द्वारा की जाती है

 

                                      राज्य का नाम                           राज्यपाल का नाम                           पदग्रहण (कार्यकाल अवधि)

                                        तमिलनाडु                        बनवारी लाल पुरोहित                              06 अक्टूबर 2017

                                        तेलंगाना                   ई॰एस॰एल॰ नरसिंहन (अतिरिक्त प्रभार)             02 जून 2014

                                          त्रिपुरा                            कप्‍तान सिंह सोलंकी                                22 अगस्त 2018

                                      नागालैण्ड                            पद्मनाभ बालकृष्ण आचार्य                        19 जुलाई 2014

                                         पंजाब                                वी.पी. सिंह बदनोर                                 22 अगस्त, 2016

                                     अरुणाचल प्रदेश                      ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा                           03 अक्टूबर 2017

                                      असम                                       जगदीश मुखी                                  10 अक्टूबर 2017

                                     आंध्र प्रदेश                              ई॰एस॰एल॰ नरसिंहन                          28 दिसम्बर 2009

                                     उत्तर प्रदेश                                 राम नाईक                                      14 जुलाई 2014

                                     उत्तराखंड                                  रानी मौर्या                                        22 अगस्त 2018

                                    ओडिशा                                   प्रो. गणेशी लाल                                    25 मई 2018

                                    कर्नाटक                                    वजूभाई वाला                                   01 सितम्बर 2014

                                     केरल                                   पलनिस्वामी सदाशिवम                           05 सितम्बर 2014

                                    गुजरात                                   ओम प्रकाश कोहली                              16 जुलाई 2014

                                     गोवा                                          मृदुला सिन्हा                                    31 अगस्त 2014

                                  छत्तीसगढ़                                   आनंदीबेन पटेल                                  15  अगस्त 2018

                           जम्मू और कश्मीर                                सत्‍यपाल मलिक                                   22 अगस्त 2018

                                झारखण्ड                                         द्रौपदी मुर्मू                                         18 मई 2015 

                              पश्चिम बंगाल                                   केशरी नाथ त्रिपाठी                               24 जुलाई 2014

                                 बिहार                                            लालजी टंडन                                     22 अगस्त 2018

                                मणिपुर                                       जगदीश मुखी (अतिरिक्त प्रभार)                  02 मई 2018

                               मध्य प्रदेश                                       आनंदीबेन पटेल                                 23 जनवरी 2018

                                महाराष्ट्र                                        चेन्नामनेनी विद्यासागर राव                      30 अगस्त 2014

                                मिजोरम                                            के. राजशेखरन                                25 मई 2018

                                 मेघालय                                             तथागत राय                                  22 अगस्त 2018

                               राजस्थान                                             कल्‍याण सिंह                                04 सितम्बर 2014

                              सिक्किम                                                  गंगा प्रसाद                               22 अगस्त 2018

                                हरियाणा                                               एसएन आर्या                              22 अगस्त 2018

                              हिमाचल प्रदेश                                       आचार्य देव व्रत                            12 अगस्त 2015

केन्द्रशासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल और प्रशासक

1. अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह (Andaman And Nicobar Islands) – देवेंद्र कुमार जोशी (Devendra Kumar Joshi)

2. चंडीगढ़ (Chandigarh) – विश्वनाथ प्रताप सिंह बदनोर (Shri.V.P. Singh Badnore (Administrator))

3. दमन और दीऊ (Daman And Diu) – प्रफुल्ल पटेल (Praful Patel)

4. दादरा और नगर हवेली (Dadra And Nagar Haveli) – प्रफुल्ल पटेल (Praful Patel)

5. दिल्ली (Delhi) – श्री अनिल बैजल (उपराज्यपाल) (Shri Anil Baijal (Lieutenant Governor))

6. लक्षद्वीप (Lakshadweep) – फ़ारूक़ खान (Shri Farooq Khan, IPS, (Retd.) (Administrator))

7. पुडुचेरी (Puducherry) – किरण बेदी (उपराज्यपाल) (Dr. Kiran Bedi, IPS, (Retd.) (Lieutenant Governor))

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